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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही टीम इंडिया का अब तक का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा है. पहला टेस्ट जीतने के बाद भारतीय टीम अगले तीन टेस्ट में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई है. हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम को दूसरे टेस्ट और चौथे टेस्ट में करारी हार झेलनी पड़ी है. दोनों टीमों के बीच तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा था. कप्तान रोहित का बल्ला पूरी तरह से खामोश है और वह पिछली पांच पारियों में सिर्फ 31 रन ही बना पाए हैं.
ऑस्ट्रेलिया में हार के बाद टीम इंडिया का अब डब्ल्यूटीसी फाइनल खेलना भी मुश्किल लग रहा है. भारतीय क्रिकेट जब अपने दो दिग्गज खिलाड़ियों कप्तान रोहित शर्मा और सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली की खराब फॉर्म से जूझ रहा है तब मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सहयोगी स्टाफ की टीम में बदलाव के दौर से निपटने में भूमिका भी चर्चा का विषय बन गई है.
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम का सफर मुश्किल रहा है क्योंकि उसे आक्रामक और बेहद मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने सही संयोजन हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा है.
भारतीय टीम शुक्रवार से सिडनी में पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच खेलेगी जिसे जीतना उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मैदान पर आने वाले उतार-चढ़ाव के कारण मैदान के बाहर भी कुछ समस्याएं पैदा हो रही हैं और ड्रेसिंग रूम में अशांति की चर्चाएं बढ़ रही हैं.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में शुक्रवार से शुरू होने पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. इन खबरों में कहा जा रहा है कि बीसीसीआई ने इशारों-इशारों में गौतम गंभीर को बता दिया है कि टीम के प्रदर्शन में अगर आगे भी सुधार नहीं होता है तो हेड कोच की छुट्टी कर दी जाएगी.
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर टीम के अधिकांश खिलाड़ियों के साथ एकमत नहीं हैं और संवाद उतना अच्छा नहीं है जितना रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ के समय हुआ करता था. कप्तान रोहित शर्मा ने कहा था कि वह चयन के मुद्दों पर खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से बात करते हैं लेकिन जुलाई में गंभीर के कार्यभार संभालने के बाद रोहित ने कुछ ऐसे खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया है कि उन्हें टीम से बाहर क्यों रखा जा रहा है जो जूनियर नहीं हैं.
रोहित की स्वयं की खराब फॉर्म ने भी उनकी मदद नहीं की है, लेकिन यह भी विश्वसनीय रूप से पता चला है कि अधिक मुखर व्यक्ति माने जाने वाले गंभीर को खिलाड़ियों के उस समूह का बहुत अधिक विश्वास हासिल नहीं है जो कोहली या रोहित जितने उम्रदराज नहीं हैं लेकिन हर्षित राणा या नितीश रेड्डी जैसे नए भी नहीं हैं.
बीसीसीआई ने गंभीर को दे दिया अल्टीमेटम
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर पीटीआई को बताया, एक टेस्ट मैच बचा है और फिर चैंपियंस ट्रॉफी है. अगर प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो गौतम गंभीर की स्थिति भी सुरक्षित नहीं होगी. चयन समिति के साथ गंभीर का समीकरण भी इस समय स्पष्ट नहीं है, टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो एकादश के साथ प्रयोग करने की उनकी प्रवृत्ति के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.”
चैंपियंस ट्रॉफी होगा आखिरी मौका !
अगर फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत का प्रदर्शन बहुत बेहतर नहीं रहा तो गंभीर के पर कतर दिए जाएंगे. बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, वह कभी भी बीसीसीआई की पहली पसंद नहीं थे (वीवीएस लक्ष्मण थे) और कुछ जाने-माने विदेशी नाम तीनों प्रारूप के कोच नहीं बनना चाहते थे इसलिए वह एक समझौता थे, जाहिर है कुछ अन्य मजबूरियां भी थीं.”
न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद उठ रहे सवाल
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 से मिली हार के बाद गंभीर से पहले ही कुछ कठिन सवाल पूछे जा चुके हैं और अगर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी गंवा दी गई तो पूर्व सलामी बल्लेबाज के लिए चीजें मुश्किल हो सकती हैं. पहले से ही एक विचारधारा यह है कि गंभीर को केवल टी20 टीम की कमान सौंपी जानी चाहिए जो एक ऐसा प्रारूप जिसमें वह सफल कप्तान और फिर कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपरजायंट्स दोनों के सफल मेंटर (मार्गदर्शक) रहे.
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