Success Story: इस लड़की ने महज 23 साल की उम्र में पहले प्रयास में पास की UPSC परीक्षा, जानें कैसे की तैयारी

Success Story: क्या यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पहली बार में पास करना संभव है? जानिए 23 साल की तमाली साहा की प्रेरक कहानी, जिन्होंने कड़ी मेहनत और सही रणनीति से पहले प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की।

Published: December 28, 2024 3:40 PM IST

By Md. Raja Alam

upsc Success Story
सक्सेस स्टोरी

UPSC Success Story: तमाली साहा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की रहने वाली हैं, जिन्होंने 23 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर IFS अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. जहां लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग लेते हैं, वहीं सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है. तमाली ने न केवल इस चुनौती को स्वीकार किया, बल्कि अपने पहले ही प्रयास में इसे पार कर दिखाया. उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्षरत हैं.

शिक्षा और प्रारंभिक जीवन

तमाली का जन्म और पालन-पोषण उत्तर 24 परगना जिले में हुआ. उन्होंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा वहीं पूरी की. पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली तमाली का झुकाव शुरू से ही सिविल सेवाओं की ओर था. स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से जूलॉजी में ग्रेजुएशन किया. कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया और इसके लिए तैयारी शुरू कर दी. तमाली की लगन और मेहनत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के आत्म-विश्वास और सही रणनीति के साथ तैयारी की.

पहले प्रयास में UPSC क्रैक

तमाली ने साल 2020 में UPSC की भारतीय वन सेवा परीक्षा पास की और IFS अधिकारी बनीं. यह उपलब्धि उनके समर्पण और सही योजना का नतीजा थी. उन्होंने अपनी तैयारी के लिए एक ठोस योजना बनाई और अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी. पश्चिम बंगाल में तैनात होकर, तमाली अब अपने कर्तव्यों का पालन कर रही हैं. उनकी सफलता न केवल यूपीएससी परीक्षा में सफल होने की प्रेरणा है, बल्कि यह दिखाती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

तमाली का संदेश और प्रेरणा

तमाली का मानना है कि सफलता के लिए सही योजना, अनुशासन और आत्म-विश्वास बेहद जरूरी हैं. उन्होंने अपनी कहानी के जरिए यह साबित किया कि उम्र और अनुभव की कमी कभी भी बाधा नहीं बनती. उनकी सफलता हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखता है और उन्हें साकार करने का जुनून रखता है. तमाली की कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि मन में लगन और मेहनत का जज्बा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकती.

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