वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के विरोध में कटरा बंद का ऐलान, धरना-प्रदर्शन करेगी संघर्ष समिति

जम्मू-कश्मीर के कटरा में बुधवार (18 दिसंबर ) को बंद का ऐलान किया गया है. इसकी वजह ये है कि यहां बीते एक महीने से माता वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर बनने वाले ताराकोट रोपवे परियोजना का विरोध किया जा रहा है. इसी के चलते माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने बंद का ऐलान कर दिया है.

Published: December 18, 2024 10:30 AM IST

By Shivani sharma

वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के विरोध में कटरा बंद का ऐलान, धरना-प्रदर्शन करेगी संघर्ष समिति

वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के विरोध में माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने बुधवार (18 दिसंबर) को कटरा बंद का ऐलान किया है. आपको बता दें कि समिति ताराकोट रोपवे परियोजना का विरोध कर रही है. जिसके चलते कटरा में सभी दुकाने, होटल, गेस्ट हाउस बंद की गई हैं. वहीं, इसके चलते यात्रियों को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी के मुताबिक वैष्णो देवी ट्रेक मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह जामवाल ने 18 दिसंबर के बंद की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि समिति के पांच सदस्य भूख हड़ताल पर बैठेंगे.

विरोध प्रदर्शन के समर्थन में कांग्रेस और पीडीपी

इसको लेकर माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि होटल, गेस्ट हाउस, टैक्सी, ऑटो चालकों समेत सभी दुकानदार सुबह 11 बजे शालीमार पार्क में एकत्रित होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. इस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस और पीडीपी ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है.

लोगों को सता रहा है आजीविका का डर

श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने ताराकोट मार्ग से सांझी छत के बीच 12 किलोमीटर के मार्ग पर 250 करोड़ रुपये की लागत से यात्री रोपवे परियोजना को  आगे बढ़ाने का फैसला किया था. यात्रा मार्ग के दुकानदार, पिट्ठू और पालकीवालों के साथ स्थानीय लोग इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं. उन्हें अपनी आजीविका के नुकसान का डर है. परियोजना का विरोध कर रहे लोगों का दावा है कि रोपवे कटरा के बाजार को बायपास कर देगा, जिससे तीर्थयात्रियों के आवागमन पर निर्भर हजारों दुकानदारों पर असर पड़ सकता है. उनका मानना है कि रोपवे शुरू होने से उनकी रोजी-रोटी को खतरा हो सकता है.

15 दिसंबर को प्रदर्शनकारियों की हुई थी पुलिस से झड़प

इससे पहले 15 दिसंबर को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कटरा के मुख्य बाजार में मार्च निकाला था और रोपवे परियोजना की स्थापना के लिए मंदिर बोर्ड के खिलाफ नारे लगाए थे. प्रदर्शनकारी रोपवे परियोजना को लेकर पिछले महीने पुलिस के साथ झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की रिहाई की मांग कर रहे थे.

पिछले महीने तब विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था जब दुकानदारों, मजदूरों और पिट्ठू तथा पालकी संचालकों ने रोपवे परियोजना को आगे बढ़ाने के मंदिर बोर्ड के फैसले के खिलाफ चार दिवसीय प्रदर्शन किया था.

                                                                                       (Source – IANS)

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