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Jharkhand Assembly Election 2024: 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड में एक नया नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है. 30 साल के जैराम महतो, जिन्हें ‘टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता है. जैराम महतो ने अपनी पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JKLM) के साथ चुनावी मैदान में कदम रखा है. यह पार्टी हाल ही में बनी है और पहली विधानसभा चुनाव में राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. जैराम महतो का नाम खासतौर से कुडमी महतो समुदाय के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, और यही कारण है कि राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण बन गया है.
झारखंड में कुडमी महतो समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा है. जैराम महतो की पार्टी का मुख्य आधार यही समुदाय है, और इस समुदाय के बीच उनकी लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. राजनीति के जानकारों का कहना है कि जैराम महतो और उनकी पार्टी को बहुत ज्यादा सीटें नहीं मिल सकतीं, लेकिन उनका प्रभाव राज्य की अन्य बड़ी पार्टियों के वोट बैंक में सेंध जरूर लगा सकता है.
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JKLM) की स्थापना केवल तीन महीने पहले की गई. यह पार्टी राज्य की 81 विधानसभा सीटों में से 73 पर उम्मीदवार उतारी है. पार्टी का मुख्य उद्देश्य झारखंडी पहचान, स्थानीय मुद्दों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को प्रमुखता देना है. जैराम महतो खुद दो विधानसभा सीटों – डुमरी और बेरमो से चुनावी मैदान में हैं.
यह पहली बार नहीं है जब जैराम महतो ने चुनावी मैदान में कदम रखा हो. 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के साथ स्वतंत्र रूप से आठ सीटों पर चुनाव लड़ा था. हालांकि, उनका पार्टी खाता नहीं खुला, लेकिन जैराम ने गिरिडीह सीट से 3,47,322 वोट प्राप्त किए, जो तीसरे स्थान पर रहे. यह उनके राजनीतिक प्रभाव को दिखाता है, खासकर उनके समुदाय के बीच.
जैराम महतो का चुनावी कैंपेन लोकल इश्यूज और झारखंडी पहचान पर केंद्रित है. उनका कहना है कि राज्य के लोगों को स्थानीय रोजगार के अवसर मिलना चाहिए और बाहरी राज्यों के लोगों को झारखंड में नौकरियों के लिए स्थान नहीं मिलना चाहिए. उनके द्वारा चलाए गए एक आंदोलन ने इस मुद्दे को सशक्त रूप से उठाया था, जब 2022 में राज्य सरकार ने बाहरी भाषाओं को राज्य की क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में शामिल किया था. इसके खिलाफ उन्होंने आंदोलन किया और सरकार ने कुछ जिलों में इसे वापस लिया.
जैराम महतो की पार्टी ने चुनावी घोषणा पत्र में 75 महत्वपूर्ण वादे किए हैं. इनमें से सबसे प्रमुख हैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, प्रत्येक जिले और ब्लॉक में एंटी करप्शन ब्यूरो का गठन, और लोकल लोगों के लिए रोजगार नीति की शुरुआत. साथ ही, पार्टी के उम्मीदवारों ने यह भी वादा किया है कि अगर वे चुनाव जीतते हैं, तो वे अपनी सैलरी का 75 प्रतिशत जनता के कल्याण के लिए दान करेंगे.
राज्य के प्रमुख दलों – भारतीय जनता पार्टी (BJP), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), और कांग्रेस – के लिए जैराम महतो और उनकी पार्टी एक नई चुनौती पेश कर रहे हैं. उनके कुडमी महतो समुदाय में बढ़ते प्रभाव से इन दलों के वोट बैंक में कमी आ सकती है. हालांकि, यह देखना होगा कि क्या जैराम महतो और उनका नया दल 2024 के विधानसभा चुनाव में बड़ी सफलता हासिल कर पाते हैं या नहीं?
झारखंड की राजनीति में नए चेहरों का आना स्वाभाविक है, और जैराम महतो ने साबित कर दिया है कि युवा नेतृत्व में ताकत होती है. उनकी पार्टी का अभियान और उनका राजनीतिक दृष्टिकोण राज्य में बदलाव की आहट दे रहे हैं. अब यह देखना होगा कि वह बड़े दलों को चुनौती दे पाते हैं या नहीं, लेकिन यह तय है कि उनका राजनीतिक प्रभाव बढ़ता जा रहा है.
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