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Manmohan Singh Death: पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का गुरुवार रात को निधन हो गया. दिल्ली के AIIMS में 92 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. केंद्र सरकार ने डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर देश भर में 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. इस दौरान पूरे भारत में राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहेगा. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को गुरुवार को भेजे गए पत्र में गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा और राष्ट्रीय शोक के दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा.
डॉक्टर मनमोहन सिंह बेशक कम बोलते थे, लेकिन कई बार उनके बयानों ने सुर्खियां बटोरी थीं. एक बार तो संसद सत्र के दौरान उनका शायराना अंदाज भी देखने को मिला था. मनमोहन सिंह के निधन के बाद से संसद का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. डॉक्टर सिंह अक्सर संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर हमले के लिए कविताओं का इस्तेमाल करते थे.
Singh is King 😎#ManmohanSingh #happybirthdaydrMMsingh pic.twitter.com/BkZwP78KVV
— Roshan Lal Bittu (@RoshanLalBittu) September 26, 2020
मार्च 2011 में, संसद में विकीलीक्स केबल को लेकर हंगामा हुआ, जिसमें तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस पर 2008 के विश्वास मत के दौरान सांसदों को रिश्वत देने का आरोप लगाया गया था. विपक्ष के आरोप का नेतृत्व करते हुए, सुषमा स्वराज ने शहाब जाफरी की प्रसिद्ध पंक्तियों के साथ प्रधानमंत्री पर निशाना साधा, ‘तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लूटा? हमें रहजनो से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है.’ इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने अल्लामा इकबाल का यह शेर पढ़ा, जिसे सुनकर स्वराज के साथ-साथ पूरे सदन का माहौल खुशनुमा हो गया. तब मनमोहन सिंह ने कहा था, ‘माना कि तेरी दीद के काबिल नहीं हूं मैं, तू मेरा शौक देख मेरा इंतजार देख.’
2013 में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान दोनों नेताओं के बीच दोहे की एक और जंग छिड़ गई. तब विपक्ष पर हमला बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने मिर्जा गालिब की पंक्तियों का इस्तेमाल किया और कहा, ‘हमें उनसे है वफा की उम्मीद जो नहीं जानते वफा क्या है.’ विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने दो शेरों के साथ उनका जवाब दिया था. पहला बशीर बद्र का था. ‘कुछ तो मजूरियां रही होंगी, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता’. अपनी दूसरी शायरी में उन्होंने कहा, ‘तुम्हें वफा याद नहीं, हमें जफा याद नहीं, ज़िंदगी या मौत के तो दो ही तराने हैं, एक तुम्हें याद नहीं, एक हमें याद नहीं.’
अगस्त 2019 में जब सुषमा स्वराज का निधन हुआ तो डॉ. सिंह ने उन्हें एक महान सांसद और असाधारण रूप से प्रतिभाशाली केंद्रीय मंत्री बताया था. उन्होंने कहा, ‘मैं उनके बारे में सुनकर स्तब्ध रह गया. सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन पर बहुत दुख हुआ. मुझे उनके साथ बिताए समय की बहुत अच्छी यादें हैं, जब वह लोकसभा में विपक्ष की नेता थीं.’
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