Digital Arrest कर अब UP की मॉडल को फंसाया, जालसाजों ने महज 2 घंटे में ठग लिये 99 हजार रुपये

Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए आपका सजग और सावधान रहना बेहद जरूरी है. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल को पूरी तरह नजरअंदाज करें.

Updated: December 5, 2024 12:44 PM IST

By Parinay Kumar

Model Shivankita Dixit

Digital Arrest: हाल के दिनों में डिजिटल अरेस्ट की चर्चा आपने जरूर सुनी होगी. डॉक्टर, इंजीनियर समेत कई पढ़े लिखे लोग भी डिजिटल अरेस्ट होकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है, जहां इस बार एक मॉडल को निशाना बनाया गया. पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधियों ने मॉडल को कथित तौर पर 2 घंटे के लिए डिजिटल अरेस्ट किया और उसे 99,000 रुपये का चूना लगा दिया.

तस्करी के नाम से डराया

सहायक पुलिस आयुक्त (लोहामंडी) मयंक तिवारी ने बताया कि पूर्व फेमिना मिस इंडिया, पश्चिम बंगाल 2017 होने का दावा करने वाली शिवांकिता दीक्षित ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को उसे आरोपी का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें उसे मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों से जुड़े अवैध धन प्राप्त करने के आरोपों की धमकी दी गई.

99 हजार रुपये की ठगी

ACP तिवारी ने बताया कि आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसे 99,000 रुपये ट्रांसफर करने को कहा. उसने उसकी बात मान ली और भुगतान कर दिया. इसके बाद उसने अपने परिवार को बताया और उसे एहसास हुआ कि वह साइबर घोटाले का शिकार हो गई है. एसीपी ने बताया कि FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है.

क्या है डिजिटल अरेस्ट?

पुलिस ने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक नया साइबर फ्रॉड है, जिसमें आरोपी CBI या सीमा शुल्क अधिकारियों जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी बनकर लोगों को प्रतिबंधित दवाओं के नकली अंतरराष्ट्रीय पार्सल या मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल होने के नाम पर वीडियो कॉल करके गिरफ्तारी की धमकी देता है.

डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें?

डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए आपका सजग और सावधान रहना बेहद जरूरी है. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल को पूरी तरह नजरअंदाज करें. अपने संविधान में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है तो अगर आपको इस नाम पर कोई डराता है तो आप बिल्कुल न डरें और तुरंत साइबर सेल या पुलिस से इसकी शिकायत करें. सोशल मीडिया के इस दौर में जागरूक रहना सबसे बड़ा बचाव है. अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर नहीं करें. डिजिटल युग में सुरक्षा उपाय अपनाकर ही अपराधों से बचा जा सकता है.

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