चांदी की चमक फीकी: कीमतें 90,900 रुपये पर, सोना भी कमजोर

चांदी की कीमतें ₹4,900 घटकर ₹90,900 प्रति किलो पर आ गईं, जबकि सोना ₹100 सस्ता होकर ₹78,700 प्रति 10 ग्राम पर रहा. कमजोर मांग, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने मार्केट पर असर डाला.

Published: November 29, 2024 8:14 AM IST

By Manoj Yadav

चांदी की चमक फीकी: कीमतें 90,900 रुपये पर, सोना भी कमजोर

Gold Price Today: राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा मार्केट में गुरुवार को चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. 4,900 रुपये की गिरावट के साथ चांदी ₹90,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई. स्टॉकिस्टों और खुदरा विक्रेताओं की तेज बिकवाली इसकी प्रमुख वजह बताई जा रही है. चांदी की कीमतों में यह गिरावट एक दिन पहले दर्ज की गई 5,200 रुपये की बढ़त के ठीक बाद आई है. बुधवार को चांदी ₹95,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची थी, जो दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर था.

सोना भी कमजोर, ₹78,700 पर

सोने की कीमतों में भी गिरावट जारी रही. गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ ₹78,700 प्रति 10 ग्राम पर आ गई. वहीं, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹400 सस्ता होकर ₹78,300 प्रति 10 ग्राम पर रहा. इससे पहले बुधवार को ये कीमतें क्रमशः ₹78,800 और ₹78,700 पर थीं.

कमजोर मांग का असर

आभूषण विक्रेताओं और सिक्का निर्माताओं की कमजोर मांग ने चांदी और सोने की कीमतों पर असर डाला. त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद मार्केट में मांग में कमी देखी जा रही है. कारोबारी धारणा भी कमजोर रही, जिसका कारण अमेरिकी नीतिगत बदलाव और वैश्विक अनिश्चितता को बताया जा रहा है.

वैश्विक कारकों का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतें दबाव में रहीं. एशियाई मार्केट में कॉमेक्स सोना वायदा 8.20 डॉलर या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 2,673 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि कॉमेक्स चांदी वायदा 0.15 प्रतिशत गिरकर 30.51 डॉलर प्रति औंस पर रही.

विशेषज्ञों की राय

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष जतीन त्रिवेदी ने कहा, “सोने की कीमतें हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरी हैं. रूस-यूक्रेन तनाव के चलते इसमें समर्थन मिला है, लेकिन डॉलर सूचकांक की चाल और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कीमतें अल्पकाल में अस्थिर रहेंगी.”

निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मौजूदा हालात में सोने-चांदी की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है. लंबे समय के निवेश के लिए यह उपयुक्त समय माना जा सकता है, लेकिन अल्पकालीन निवेश में जोखिम अधिक हो सकता है.

आगे का परिदृश्य

अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बदलाव और डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क नीतियों के प्रभाव से मार्केट का रुख आने वाले दिनों में तय होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक मार्केट में स्थिरता आती है, तो सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है.

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