नया साल, नई उम्मीदें: PMI और ऑटो बिक्री आंकड़ों पर रहेगी शेयर मार्केट की नजर

नए साल के पहले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार की दिशा पीएमआई, ऑटो बिक्री, चालू खाता घाटा और वैश्विक संकेतकों पर निर्भर होगी. निवेशकों को सतर्कता और मजबूत रणनीति अपनाने की सलाह है.

Updated: December 30, 2024 8:16 AM IST

By Manoj Yadav

नया साल, नई उम्मीदें: PMI और ऑटो बिक्री आंकड़ों पर रहेगी शेयर मार्केट की नजर

Share Market Outlook: नया साल 2025 भारतीय शेयर मार्केट के लिए महत्वपूर्ण होगा. पहले हफ्ते में पीएमआई, ऑटो बिक्री, बैंक लोन ग्रोथ और वैश्विक रुझान मार्केट की दिशा तय करेंगे.

बीते हफ्ते का प्रदर्शन

पिछला हफ्ता मार्केट के लिए लाभदायक रहा. सेंसेक्स 657 अंकों की बढ़त के साथ 78,699 पर बंद हुआ. निफ्टी 225 अंकों की छलांग लगाकर 23,813 पर पहुंचा. फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी रही, जबकि बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को मजबूती दी.

निवेशकों की गतिविधियां

23 से 27 दिसंबर के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 6,322 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 10,927 करोड़ रुपये का निवेश किया.

रुपया और चालू खाता घाटा

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीणा ने बताया कि पिछले हफ्ते करेंसी मार्केट कमजोर रहा. रुपये में गिरावट ने चिंता बढ़ाई. 31 दिसंबर को चालू खाता घाटे के आंकड़े जारी होंगे, जिसका सीधा असर मार्केट पर पड़ सकता है.

ऑटो बिक्री और सेंटीमेंट

निवेशकों की नजर ऑटो बिक्री के आंकड़ों पर भी है. सकारात्मक आंकड़े मार्केट में उत्साह ला सकते हैं. निफ्टी अपने 200 दिनों के मूविंग एवरेज के पास बना हुआ है. 24,200 का स्तर रुकावट का काम करेगा, जबकि 23,650-23,550 का स्तर मजबूत सपोर्ट होगा.

बैंक निफ्टी का विश्लेषण

मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के डायरेक्टर पुनीत सिंघानिया के अनुसार, बैंक निफ्टी वीकली चार्ट पर इनसाइड कैंडल बना रहा है. यह 51,800 पर रुकावट का सामना कर रहा है. इसके ऊपर बंद होने पर यह 52,500 तक जा सकता है. लेकिन 50,900 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ेगा और यह 50,200 तक गिर सकता है.

ग्लोबल संकेत और घरेलू असर

वैश्विक मार्केट के संकेतों का भी भारतीय मार्केट पर असर पड़ेगा. क्रूड ऑयल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और चीन की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे.

गौरतलब है कि निवेशकों को सतर्कता बरतने की जरूरत है. घरेलू और वैश्विक संकेतक मार्केट की दिशा तय करेंगे. ऐसे में मजबूत रणनीति और धैर्य ही सफलता की कुंजी होगी.

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