'महाशक्तियों की लिस्ट में शामिल होना चाहिए भारत', राष्ट्रपति पुतिन ने कहा- इंडिया इसका हकदार

रूसी राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि भारत के साथ उनके रिश्ते सभी दिशाओं में संबंध विकसित कर रहा है. साथ ही द्विपक्षीय संबंधों में एक-दूसरे पर दोनों देशों का गहरा विश्वास है.

Published: November 8, 2024 11:21 PM IST

By Gargi Santosh

'महाशक्तियों की लिस्ट में शामिल होना चाहिए भारत', राष्ट्रपति पुतिन ने कहा- इंडिया इसका हकदार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के तेज विकास की तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि भारत वैश्विक महाशक्तियों की सूची में शामिल होने का हकदार है. क्योंकि इसकी अर्थव्यवस्था वर्तमान में किसी भी अन्य देश की तुलना में तेजी से बढ़ रही है. पुतिन ने यह भी कहा कि भारत के साथ रूस सभी दिशाओं में संबंध विकसित कर रहा है. साथ ही द्विपक्षीय संबंधों में एक-दूसरे पर दोनों देशों का गहरा विश्वास है.

महाशक्तियों में किन कारण से शामिल हो भारत? पुतिन ने बताया

सोचि में ‘वल्दाई डिस्कशन क्लब’ के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा, डेढ़ अरब की आबादी, दुनिया की सभी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज प्रगति, प्राचीन संस्कृति और भविष्य में विकास की बहुत अच्छी संभावनाएं हैं. इस वजह से भारत को नि:संदेह महाशक्तियों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए.

भारत को महान देश बताते हुए पुतिन ने कहा, हम भारत के साथ सभी दिशाओं में संबंध विकसित कर रहे हैं. भारत एक महान देश है, अब जनसंख्या के मामले में सबसे बड़ा देश है. जहां की आबादी 1.5 अरब है और साथ ही जहां हर साल आबादी में एक करोड़ की वृद्धि होती है. उन्होंने कहा, कि भारत आर्थिक प्रगति में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है.

पुतिन बोले- दोनों दशों के रिश्ते में काफी विश्वास है

रूसी समाचार एजेंसी तास ने पुतिन के हवाले से कहा, हमारे संबंध कहां और किस गति से विकसित होंगे, इसका हमारा दृष्टिकोण आज की वास्तविकताओं पर आधारित है. हमारा सहयोग हर साल कई गुना बढ़ रहा है. रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भारत तथा रूस के बीच संपर्क विकसित हो रहे हैं.

उन्होंने कहा, देखिए कितने प्रकार के रूसी सैन्य उपकरण भारतीय सशस्त्र बलों की सेवा में हैं. इस रिश्ते में काफी हद तक विश्वास है. हम भारत को केवल अपने हथियार नहीं बेचते हैं; हम उन्हें संयुक्त रूप से डिजाइन भी करते हैं. पुतिन ने उदाहरण के तौर पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल परियोजना का उल्लेख किया.

पुतिन ने भारत-चीन के बीच सीमा पर कठिनाइयों को स्वीकार किया

एजेंसी के अनुससार, पुतिन ने भारत और चीन के बीच सीमा पर कुछ कठिनाइयों को स्वीकार किया. हालांकि, उन्होंने कहा कि अपने राष्ट्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बुद्धिमान और सक्षम लोग समझौते की तलाश में हैं और अंततः उसे पा लेंगे.

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

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