भारत के विनिर्माण क्षेत्र में धीमी वृद्धि, जानिए क्या हैं इसके कारण?
भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर दिसंबर में 56.4 पर आई, जो 12 महीने का सबसे निचला स्तर है. नए ऑर्डर और उत्पादन की धीमी गति इसके मुख्य कारण रहे, लेकिन निर्यात में सुधार देखा गया.
Updated Date:January 2, 2025 12:48 PM IST
By Manoj Yadav Edited By Manoj Yadav
भारत का विनिर्माण क्षेत्र दिसंबर 2024 में अपनी वृद्धि दर में गिरावट के साथ 12 महीने के निचले स्तर 56.4 पर पहुंच गया. यह गिरावट नए ऑर्डरों और उत्पादन की धीमी गति की वजह से आई है.
दिसंबर में गिरावट, फिर भी मजबूती का संकेत
एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) के अनुसार, दिसंबर में यह सूचकांक 56.4 पर रहा, जबकि नवंबर में यह 56.5 था. यह गिरावट का संकेत है, लेकिन 50 के ऊपर होने के कारण उत्पादन गतिविधि में वृद्धि बनी हुई है. 50 से ऊपर का आंकड़ा विकास का प्रतीक है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन को दर्शाता है.
नए ऑर्डरों में धीमी वृद्धि
विशेषज्ञों के मुताबिक, नए ऑर्डरों की वृद्धि की गति दिसंबर में इस साल के सबसे धीमे स्तर पर रही. इसका मतलब यह है कि भविष्य में उत्पादन में कमजोरी देखी जा सकती है.
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इनेस लैम, एचएसबीसी की अर्थशास्त्री, के अनुसार, "भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने 2024 के अंत में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन औद्योगिक मंदी के संकेत भी मिले हैं."
मूल्य दबाव और प्रतिस्पर्धा का असर
विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि पर सबसे बड़ा प्रभाव मूल्य दबाव और प्रतिस्पर्धा ने डाला है. इसके अलावा, श्रम और सामग्री की लागत में वृद्धि के कारण, भारतीय विनिर्माताओं को अतिरिक्त खर्चों का सामना करना पड़ा. हालांकि, कच्चे माल की मुद्रास्फीति की दर अभी भी ऐतिहासिक मानकों के मुकाबले सामान्य रही.
निर्यात में बढ़ोतरी
एक अच्छी खबर यह है कि नए निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि हुई है. यह वृद्धि जुलाई के बाद सबसे तेज रही. इसका मतलब यह है कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मांग में सुधार आ रहा है.
2025 के लिए उम्मीदें
हालांकि, आने वाले समय में मुद्रास्फीति और प्रतिस्पर्धी दबावों को लेकर चिंताएं बनी रहेंगी, लेकिन 2025 के लिए भारतीय विनिर्माताओं में उम्मीदें बनी हुई हैं. सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि निवेश और सकारात्मक मांग के चलते सकारात्मक दृष्टिकोण है.
वर्तमान में, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि धीमी जरूर है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में स्थिति में सुधार हो सकता है.
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Published Date:January 2, 2025 12:45 PM IST
Updated Date:January 2, 2025 12:48 PM IST