UPI ट्रांजैक्शन बढ़े, लेकिन साइबर फ्रॉड की चुनौती बरकरार; वित्त मंत्री ने पेश किए आंकड़े

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने UPI ट्रांजैक्शन और फ्रॉड के आंकड़े साझा किए, जिसमें ट्रांजैक्शन में वृद्धि और धोखाधड़ी के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई. सुरक्षा उपायों के तहत पिन ऑथेंटिकेशन और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.

Published: November 26, 2024 10:35 AM IST

By Manoj Yadav

UPI ट्रांजैक्शन बढ़े, लेकिन साइबर फ्रॉड की चुनौती बरकरार; वित्त मंत्री ने पेश किए आंकड़े

देश में डिजिटल भुगतान के तरीकों में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब आम नागरिकों के जीवन का हिस्सा बन चुका है. सब्जीवाले से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, UPI के माध्यम से भुगतान करना अब रोजमर्रा की बात हो गई है. हालांकि, इसके साथ ही UPI फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं, जिससे साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में इस विषय पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं.

UPI ट्रांजैक्शन में हुई जबरदस्त वृद्धि

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में UPI ट्रांजैक्शन से संबंधित आंकड़े पेश किए, जो यह साबित करते हैं कि इस सिस्टम में कितना बड़ा इन्क्रीमेंट हुआ है.

  • वित्त वर्ष 2022-23: 139.15 लाख करोड़ रुपये के UPI ट्रांजैक्शन हुए थे.
  • वित्त वर्ष 2023-24: इस दौरान कुल 199.96 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन हुए.
  • वित्त वर्ष 2024-25: अब तक 122.05 लाख करोड़ रुपये के UPI ट्रांजैक्शन हो चुके हैं.

इससे साफ है कि डिजिटल पेमेंट की दिशा में देश तेजी से बढ़ रहा है और UPI एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है.

UPI फ्रॉड में भी वृद्धि

वहीं, UPI के माध्यम से धोखाधड़ी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है. वित्त मंत्री ने UPI फ्रॉड के आंकड़े भी साझा किए, जो चिंताजनक हैं.

  • 2022-23 में: 7.25 लाख मामलों में कुल 573 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ.
    2023-24 में: 13.42 लाख मामलों में कुल 1087 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ.
    2024-25 में: 6.32 लाख मामलों में 485 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ.

यह आंकड़े यह दिखाते हैं कि फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं, और इससे डिजिटल भुगतान के सुरक्षा उपायों पर सवाल उठ रहे हैं.

UPI फ्रॉड रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

वित्त मंत्री ने UPI ट्रांजेक्शन को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि एनपीसीआई, आरबीआई और सरकार मिलकर कई सुरक्षा उपायों पर काम कर रहे हैं. इनमें पिन के जरिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन, डिवाइस बाइंडिंग और डेली ट्रांजैक्शन लिमिट जैसे कदम शामिल हैं, ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके.

जागरूकता अभियान

इसके साथ ही वित्त मंत्री ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार और आरबीआई द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने, कॉल और संदेशों से सतर्क रहने और विज्ञापनों के माध्यम से जानकारी देने की प्रक्रिया जारी है.

गौरतलब है कि UPI के बढ़ते ट्रांजैक्शन और धोखाधड़ी के मामलों के बीच सरकार और वित्तीय संस्थाएं लगातार प्रयास कर रही हैं कि डिजिटल भुगतान अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बने. इन प्रयासों से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में UPI और भी सुरक्षित और प्रभावी तरीके से काम करेगा.

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