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नई दिल्ली: Lebanon Pager Blast: लेबनान और सीरिया के कुछ इलाकों में सीरियल ब्लास्ट में भारी तबाही मची है. लोगों की जेब में रखे पेजर (Pager) में धमाके हुए और 11 लोगों की मौत हो गई. 4000 से ज्यादा लोग घायल हैं. लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने शक जताया है कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने पेजर को हैक करके ये ब्लास्ट किया है. आइये जानते हैं क्या है पेजर और इजराइल ने इसे बम में कैसे तब्दील कर दिया.
पेजर एक कम्युनिकेशन डिवाइस है. ये छोटा और पोर्टेबल होता है. इसका उपयोग मैसेज भेजने और पाने में किया जाता है. 1990 और 2000 के दशक में यह काफी प्रचलन में था. पेजर को बीपर के नाम से भी जाना जाता है. जब भी कोई मैसेज आता है इसकी टोन बजती है और यूजर को पता चल जाता है. यह काफी कुछ मोबाइल के टेक्स्ट मैसेजिंग की तरह होता है.

पेजर मैसेज के लिए मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं करता है. यह रेडियो फ्रीक्वेंसी से मैसेज सेंड और रिसीव करते हैं. यह पूरी प्रक्रिया बेस स्टेशन या किसी सेंट्रल डिस्पैच के जरिए होती है. मोबाइल फोन आने के बाद पेजर का इस्तेमाल घटता गया क्योंकि स्मार्टफोन में मैसेजिंग के कई फीचर होते हैं.
पेजर की बैटरी लंबे समय तक काम करती है. वहीं ये नेटवर्क बिना भी चलता है. इसलिए अमेरिका और ब्रिटेन जैसे कुछ देशों में स्वास्थ्य सेवाओं में इसका इस्तेमाल होता है. वहीं हिजबुल्लाह जैसे आतंकी संगठन भी इसका उपयोग करते हैं.
हमास और इजराइल के युद्ध में हिजबुल्लाह हमास का साथ दे रहा है. इसलिए हिजबुल्लाह को शक है कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने इन विस्फोट की साजिश रची है. दरअसल हिजबुल्लाह ने ताइवान की Gold Apollo कंपनी को 3000 पेजर का ऑर्डर दिया था. ये पेजर अप्रैल-मई में लेबनान पहुंचे. शक है कि मोसाद ने बीच में छेड़छाड़ कर पेजर में विस्फोटक मिला दिए.
अमेरिकी अधिकारियों ने एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया कि हर पेजर में एक से दो औंस (20 ग्राम के करीब) के विस्फोटक फिट थे. लेबनान में इन पेजर पर मंगलवार दोपहर 3.30 पर एक साथ मैसेज आया और विस्फोट होने लगे. स्काई न्यूज अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक मोसाद ने पेजर में PETN (Pentaerythritol tetranitrate) विस्फोटक बैटरी के ठीक बगल में लगाए थे. PETN ने पहले बैटरी का तापमान बढ़ाया और फिर विस्फोट कर दिया. चूंकि इस विस्फोटक को स्कैनर से डिटेक्ट करना मुश्किल है, इसलिए विस्फोटक के बारे में हिजब्बुलाह को पात नहीं चल पाया. वहीं मोसाद ने 1996 में हमास नेता अयाश को भी इसी तरह से मारा था. मोसाद ने अयाश के फोन में 15 ग्राम RDX (Royal Demolition eXplosive) लगा दिया था.
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