Haryana Election Result 2024: हरियाणा में भाजपा की जीत: किसको मिलेगी क्रेडिट? | Explained

हरियाणा चुनाव में भाजपा की हार ने मोदी-शाह की साख पर सवाल उठाए हैं. यह हार पार्टी की गिरती लोकप्रियता, अमित शाह की रणनीतिक विफलता और एनडीए के सहयोगियों में मोहभंग का संकेत है, जो भाजपा के लिए चिंता का विषय होना चाहिए.

Updated: October 8, 2024 11:48 AM IST

By Manoj Yadav

Haryana Election Result 2024: हरियाणा में भाजपा की जीत: किसको मिलेगी क्रेडिट? | Explained

Haryana Election Result 2024: हरियाणा के चुनाव में शुरुआती रुझानों में भाजपा बहुमत से काफी दूर नजर आ रही थी, लेकिन अब रुझान उलट गए हैं. भारतीय जनता पार्टी को रुझानों में क्लियर मैंडेट मिलता दिखाई दे रहा है. वहीं, जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और उसकी सहयोगी नेशनल कांफ्रेंस को बहुमत मिलता दिख रहा है.

हरियाणा की जीत के मायने

कांग्रेस की हरियाणा में हार को हल्के में नहीं लिया जा सकता. यह हार कई संकेत देती है. भाजपा की लंबे समय से सत्ता में रहने वाली मोदी-शाह की जोड़ी इसे संभालने में कामयाब हो गए. हरियाणा हमेशा भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य रहा है. इस जीत से पता चलता है कि जनता में भाजपा के प्रति गुस्सा था, लेकिन वोट भाजपा के ही पक्ष में वोट किए.

हरियाणा में हार के कारण

हरियाणा में कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए काफी कोशिशें कीं. राहुल गांधी ने कई जनसभाएं कीं और रोड शो किया, और कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा. लेकिन इसके बावजूद, जनता ने कांग्रेस को ठुकरा दिया. पार्टी के अंदर खेमेबाजी इस हार के पीछे सबसे बड़ी वडह रही.

पार्टी नेताओं में गुटबाजी रही हावी

कांग्रेस इस बात को लेकर आश्वस्त थी कि हरियाणा में वह जीतने जा रही है और भाजपा को सत्ता से दूर करने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन सूबे में पार्टी के अंदर गुटबाजी हावी रही, जिसका नतीजा सबके सामने हैं.

अमित शाह की रणनीति सफल

अमित शाह को भाजपा का “चाणक्य” माना जाता है. उनकी रणनीतियों ने पार्टी को कई बार सफल बनाया है. इस बार भी उनकी रणनीति काम फिर से काम में आ गई. कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि हम जनता की नब्ज को सही से नहीं समझ पाए. हरियाणा की हार भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए व्यक्तिगत झटका है. उन्होंने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था, लेकिन जनता ने कांग्रेस को खारिज कर दिया.

पीएम मोदी ने की कई सभाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत लोकप्रियता पर भी इस जीत का असर देखने को  मिल रहा है. पीएम मोदी को एक मजबूत नेता माना जाता है. ऐसा माना जा रहा था कि लोकसभा चुनावों में उनकी छवि कमजोर हुई है, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार की विफलता से नाराज जनता ने वोट भाजपा को किया. विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को सही तरीके से उठाने में नाकामयाब होते देखे गए, जिससे कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा.

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