प्रयागराज में क्यों आंदोलन कर रहे थे छात्र? क्या थी उनकी मांगें; यहां समझें क्या है पूरा मामला- Explained

UPPSC Latest News: प्रयागराज में छात्र क्यों कर रहे हैं आंदोलन? क्या थी उनकी मुख्य मांगें और आयोग का क्या है रुख? समझें इस विरोध प्रदर्शन का पूरा मामला और छात्रों की एकता की वजह.

Published: November 14, 2024 4:58 PM IST

By Md. Raja Alam

UPPSC today News
यूपीपीएससी लेटेस्ट न्यूज

UPPSC News: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने छात्रों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बाद उनकी “एक दिन, एक शिफ्ट” की मांग स्वीकार कर ली है. छात्र पिछले चार दिनों से इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. आंदोलन के बढ़ने और छात्रों के लगातार दबाव के बाद आयोग को यह फैसला लेना पड़ा. छात्रों का कहना था कि अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने से नॉर्मलाइजेशन के कारण उनके अंकों में असमानता आ जाती है. वे चाहते थे कि परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में हो, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके. आयोग ने छात्रों की इस मांग को सुनते हुए इसे स्वीकार कर लिया.

नॉर्मलाइजेशन सिस्टम क्या है?

नॉर्मलाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें परीक्षा के कई शिफ्ट्स में कठिनाई स्तर के अंतर को संतुलित किया जाता है। अलग-अलग शिफ्ट्स के प्रश्न पत्रों में कठिनाई का अंतर हो सकता है, जिससे छात्रों के अंकों पर असर पड़ता है। नॉर्मलाइजेशन के जरिए सभी शिफ्ट्स के छात्रों के अंकों को औसतन समान किया जाता है ताकि किसी शिफ्ट के छात्रों को न तो ज्यादा और न ही कम अंक मिलें. छात्रों का कहना था कि “एक दिन, एक शिफ्ट” परीक्षा के लिए सबसे उचित है, ताकि नॉर्मलाइजेशन की जरूरत न पड़े. उनका मानना है कि एक ही दिन परीक्षा होने पर सभी को समान प्रश्न मिलेंगे, जिससे सभी के साथ निष्पक्षता बनी रहेगी. कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड, और पुलिस भर्ती परीक्षाओं में भी नॉर्मलाइजेशन का उपयोग होता है. हालांकि, छात्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया उनके अंकों को बदल देती है, इसलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं.

आरओ-एआरओ परीक्षा पर आयोग का फैसला स्थगित

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने आरओ-एआरओ परीक्षा के फैसले को फिलहाल स्थगित कर दिया है और इस पर अंतिम निर्णय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा. हालांकि, इस फैसले के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्रों का आंदोलन जारी है. हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं और उनका कहना है कि आयोग आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रहा है. छात्रों ने साफ किया है कि वे तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक सरकार आरओ-एआरओ पदों के लिए परीक्षा एक ही पाली में कराने का निर्णय नहीं लेती.

परीक्षा डेट

यूपी लोक सेवा आयोग ने स्टेट पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा की तारीखों की घोषणा पहले ही कर दी है. आयोग के अनुसार, पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 7 और 8 दिसंबर को दो पालियों में तय की गई थी. पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक रखी गई थी. आयोग के फैसले आने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई है.

दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने के पीछे आयोग का क्या तर्क था?

आयोग ने अपने निर्णय को छात्रों के हित और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है. आयोग का कहना है कि परीक्षाएं केवल उन्हीं केंद्रों पर आयोजित की जा रही हैं जहां गड़बड़ियों की संभावना न हो. पहले दूर-दराज के कुछ केंद्रों पर गड़बड़ियों की शिकायतें आई थीं, इसलिए इन्हें हटाया गया है ताकि योग्य छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे. परीक्षा दो पालियों में कराने का निर्णय भी छात्रों की मांग पर ही लिया गया ताकि उन्हें दूर न जाना पड़े. आयोग ने छात्रों को नकल माफिया और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी है और बताया कि परीक्षा तय समय पर ही होगी.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Career Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.