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ठंड का मौसम आते ही कुछ चीजों की खपत तेजी से बढ़ने लगती है. इन्हीं में से एक है शकरकंद, कुछ लोग इसे भूनकर खाते हैं तो कुछ इसे उबालकर. इसकी गिनती फल और सब्जियों दोनों में की जाती है. सर्दी के मौसम में ये खूब बिकता है.
ये न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि इसे सेहत के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है. इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए अच्छे होते हैं. शकरकंद को कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का पावरहाउस भी कहा जाता है, इसके चलते आलू की जगह लोग शकरकंद खाने की सलाह देते हैं. इसमें विटामिन ए की अच्छी मात्रा पाई जाती है. वहीं, इसका फाइबर भी मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मददगार होता है, इसमें कार्बोहाइड्रेट, जिंक और मैग्नीशियम जैसे तत्व भी होते हैं. हालांकि अक्सर ये सवाल उठता है कि इसकी तासीर ठंडी होती है या गर्म? आइए जानते हैं शकरकंद खाने का सही तरीका और ये ठंडा होता है या गर्म? आइए जानते हैं.
शकरकंद ठंडा होता है या गर्म?
हम में से अधिकतर लोगों को शकरकंद पसंद होती है. हालांकि अक्सर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि इसकी तासीर गर्म होती है या ठंडी. आइए जानते हैं. शकरकंद की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे सर्दियों में अधिक खाया जाता है. इसमें विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत करता है और फ्लू जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है. इसके अलावा यह शरीर को गर्मी भी प्रदान करता है.
इन समस्याओं में है फायदेमंद:
कब नहीं खानी चाहिए शकरकंद?
हम में कुछ लोग कभी भी इसका सेवन कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. हमें रात के समय शकरकंद खाने से बचना चाहिए, खासकर अगर आप मोटापे से ग्रस्त हैं या मधुमेह से पीड़ित हैं तो. शकरकंद खाने का सबसे सही समय दोपहर 12 से 3 बजे के बीच माना जाता है. आप शकरकंद को कई तरह से खा सकते हैं, जैसे उबालकर, भाप में पकाकर या बेक करक. सर्दियों में इसे सूप के रूप में भी लिया जा सकता है.