By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
who is Nimisha Priya: भारतीय मूल की एक महिला को यमन में मौत की सजा सुनाई गई है. अब इस हफ्ते राष्ट्रपति ने भी सजा-ए-मौत को मंजूरी दे दी है. महिला 2017 में एक यमन नागरिक की हत्या के केस में दोषी ठहराई गई है. इस मामले ने भारत में काफी ध्यान आकर्षित किया है. भारत सरकार ने महिला की सहायता के लिए सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए अपना समर्थन दिया है.
केरल की रहने वाली 36 वर्षीय निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) एक नर्स हैं. 2011 में प्रिया यमन चली गई. पर वित्तीय कठिनाइयों के कारण उसके पति और उनकी छोटी बेटी 2014 में भारत लौट आए. फिर यनम में गृहयुद्ध शुरू हो गया और प्रिया यमन में ही रह गईं. प्रिया ने बाद में एक यमन नागरिक तलाल अब्दो महदी (Talal Abdo Mahdi)के साथ मिलकर एक क्लिनिक खोला.
आरोप है कि दस्तावेजों में हेराफेरी करने के लिए महदी और प्रिया ने एक दूसरे को विवाहित दिखाया. प्रिया ने आरोप लगाया कि महदी ने उसे शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया. महदी ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया, उसके क्लिनिक से पैसे मांगे, और उसे नियंत्रित करने के लिए ड्रग्स का इस्तेमाल किया. प्रिया ने स्थानीय अधिकारियों को दुर्व्यवहार की सूचना भी दी, लेकिन महदी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
2017 में, अपना पासपोर्ट वापस पाने और अपमानजनक स्थिति से बचने के लिए, प्रिया ने कथित तौर पर एक स्थानीय जेल वार्डन की मदद मांगी, जिसने महदी को अक्षम करने के लिए दवाओं का उपयोग करने का सुझाव दिया. दुर्भाग्य से, दवा की मात्रा अधिक हो गई और महदी की मृत्यु हो गई. प्रिया का कहना है कि वह महदी को सिर्फ बेहोश करना चाहती थी. इसके बाद, प्रिया और उसकी सहकर्मी, यमन की नागरिक हनान ने कथित तौर पर महदी के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और उसे पानी की टंकी में फेंक दिया. जिसके कारण प्रिया को गिरफ़्तार कर लिया गया और बाद में उसे दोषी ठहराया गया .
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें