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कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता पर हमले की कोशिश करने वाले मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी पड़ोसी राज्य झारखंड भागने की फिराक में था. अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी इकबाल उर्फ अफरोज खान और अन्य आरोपी युवराज सिंह दोपहिया वाहन पर बैठकर शुक्रवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) वार्ड संख्या-108 के TMC पार्षद सुशांत घोष की हत्या करने आए थे.
आरोपी युवराज सिंह ने शुक्रवार शाम को कस्बा इलाके में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद घोष पर नजदीक से गोली चलाने के लिए जिस बंदूक का इस्तेमाल किया था. लेकिन कुछ खराबी हो जाने के कारण गोली नहीं चल पाई. सुशांत घोष की जान बाल-बाल बच गई.
अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, एक खुफिया जानकारी मिली कि इकबाल दुर्गापुर एक्सप्रेसवे के जरिये दोपहिया वाहन से झारखंड भागने की कोशिश कर रहा है. जिसके आधार पर पुलिस ने उसे गलसी में एक नाका पर रोका और हिरासत में ले लिया. पुलिस अधिकारी के अनुसार, हत्या के प्रयास की पूरी योजना के पीछे इकबाल का हाथ था.
उन्होंने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि इकबाल उसका असली नाम नहीं है और उसने युवराज सिंह से संपर्क किया था. साथ ही उसे 10,000 रुपये के भुगतान पर हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए राजी किया था. अधिकारी ने बताया, इकबाल वह व्यक्ति था जिसने शहर के लेक टाउन क्षेत्र में सिंह के लिए रहने की व्यवस्था की थी. उसे वारदात में इस्तेमाल की गई बंदूक उपलब्ध कराई थी.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इससे पहले दिन में पुलिस ने घटना के सिलसिले में एक टैक्सी चालक को भी गिरफ्तार किया था. सिंह से पूछताछ के दौरान उसकी पहचान सामने आई थी. कोलकाता पुलिस के ‘एंटी-राउडी सेक्शन (एआरएस)’ के अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार टैक्सी चालक अहमद ने बृहस्पतिवार रात को सिंह और उसके सहयोगी इकबाल को बाबूघाट से लेक टाउन पहुंचाया था, जहां वे एक आवासीय परिसर में रुके थे.
कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने शनिवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया. वर्मा ने मीडिया से कहा, जांच जारी है, अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी युवराज सिंह ने स्वीकार किया है कि उन्हें घोष की एक तस्वीर दिखाई गई थी और उसकी हत्या करने के लिए कहा गया था. काम पूरा होने पर उन्हें 10,000 रुपये देने का वादा किया गया था. इस मामले में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. इस घटना के बाद से पुलिस ने घोष की सुरक्षा बढ़ा दी है.
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