'ये अपराध का महिमामंडन है', जेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू पर HC ने पंजाब सरकार को हड़काया

Gangster Lawrence Bishnoi : न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह और लापीता बनर्जी की पीठ ने बताया कि सात निलंबित अधिकारियों में से पांच जूनियर रैंक के थे और उपाधीक्षक-रैंक के केवल दो अधिकारियों, गुरशीर सिंह और सैमर वनीत को दंडित किया गया था.

Published: October 30, 2024 3:50 PM IST

By Akarsh Shukla

'ये अपराध का महिमामंडन है', जेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू पर HC ने पंजाब सरकार को हड़काया

Gangster Lawrence Bishnoi : सलमान खान समेत कई बड़ी हस्तियों को जान से मारने की धमकी देने और एनसीपी नेता बाबा सिद्दिकी की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई इन दिनों खबरों की सुर्खियों में छाया हुआ है. दो साल पहले 2022 में जब वो कथित तौर पर पंजाब की जेल में बंद था तो वहां से उसका एक इंटरव्यू काफी वायरल हुआ था, जिसे लेकर अब हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को पंजाब सरकार को उसके अगस्त 2024 के आदेश का पालन करने में विफल रहने के लिए फटकार लगाई, जिसमें बिश्नोई के साक्षात्कार की सुविधा प्रदान करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया था.

पंजाब सरकार को लगाई फटकार

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जेल के अधिकारियों को ‘बलि का बकरा’ बनाने के खिलाफ भी चेतावनी दी थी. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू को लेकर पंजाब पुलिस के 7 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया था. मंगलवार को अदालत ने मानवाधिकार आयोग के प्रमुख प्रबोध कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम द्वारा नए सिरे से जांच करने का भी आदेश दिया. अदालत ने कहा कि इंटरव्यू ‘जेल सुरक्षा उल्लंघन’ का स्पष्ट उदाहरण है और पुलिस को ‘अनिर्णायक रिपोर्ट’ प्रस्तुत करने में आठ महीने से अधिक का समय भी लगा.

इंटरव्यू ऑनलाइन वायरल होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह और लापीता बनर्जी की पीठ ने बताया कि सात निलंबित अधिकारियों में से पांच जूनियर रैंक के थे और उपाधीक्षक-रैंक के केवल दो अधिकारियों, गुरशीर सिंह और सैमर वनीत को दंडित किया गया था. उन्होंने कहा कि पुलिस ने ‘अपराधी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई और साक्षात्कार के लिए स्टूडियो जैसी सुविधा प्रदान की गई, जो अपराध का महिमामंडन करती है…’ दिसंबर के आदेश के बावजूद कि इसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से हटा दिया जाए, इंटरव्यू की कॉपी ऑनलाइन सामने आने से भी कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की.

कोर्ट ने कहा, ‘कहा जाता है कि इन इंटरव्यू को 12 मिलियन से अधिक बार देखा गया है. इसका प्रभावशाली दिमाग वाले युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और कानून-व्यवस्था में कोई भी गिरावट या अपराध में वृद्धि राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है.’

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