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बढ़ते प्रदूषण के चलते सरकार लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि वो पराली न जलाएं. लगातार दिल्ली एनसीआर और कई राज्यों में वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर खराब होने के चलते पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार लोगों से धान की पराली में आग न लगाने को कह रही है, लेकिन कुछ किसान ऐसा करने से बाज नहीं आ रहे हैं. इसी के चलते फिरोजपुर जिले के जयमलवाला गांव में धान की पराली में लगाई गई आग से एक किसान की मौत हो गई. इसके अलावा तीन युवक झुलस गए
सभी घायलों को उपचार के लिए फौरन मल्लांवाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जानकारी के मुताबिक कमाला बोधला गांव के दोनों भाई गुरप्रीत सिंह और जश्नप्रीत सिंह तथा वस्ती बागेवाला निवासी अनमोल प्रीत सिंह अपने घर से दिवाली का सामान खरीदने के लिए कस्बा मल्लांवाला जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में किसान अशोक कुमार मोगा और मेशा ने अपनी जमीन में धान की पराली को आग लगा दी थी.
जब ये युवक सड़क से गुजरने लगे तो धुएं और आग की लपटों के सामने इनकी बाइक गिर गई. जिसके चलते बेबस होकर युवक वहीं गिर पड़े और आग की लपटों में घिर गए. तीनों युवकों के पैर और हाथ बुरी तरह झुलस गए और मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर राख हो गई.
घायल युवकों को मल्लांवाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टर के मुताबिक तीनों की हालत स्थिर है. आपको बता दें कि पंजाब के पटियाला, फिरोजपुर और मानसा जैसे अन्य जिलों में पिछले कुछ दिनों में खेतों में आग लगाने की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है. राज्य के सभी जिलों में से संगरूर में पराली जलाने के 89 मामले सामने आए, जो गुरुवार को सबसे ज्यादा है. संगरूर के बाद फिरोजपुर में 65 मामले सामने आए, जबकि मनसा में 40 मामले सामने आए हैं.
(Source – IANS)
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