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Vande Metro Train in Gujarat: वंदे भारत एक्सप्रेस की सफल लॉन्चिंग के बाद, भारतीय रेलवे ने देश की पहली स्वदेशी-विकसित ट्रेन का एक और वर्जन पेश करने के लिए कमर कस ली है. फरवरी 2023 में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत सीरीज के दो और वर्जन वंदे मेट्रो और वंदे स्लीपर की शुरुआत की घोषणा की थी.
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के बाद अब कम दूरी पर स्थित दोनों शहरों के बीच ‘वंदे मेट्रो’ ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है. इसके तहत गुजरात में अहमदाबाद और कच्छ के भुज के बीच पहली वंदे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. जल्द ही गुजरात को देश की पहली वंदे मेट्रो ट्रेन मिलने जा रही है.
देश की पहली वंदे मेट्रो को अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे. हालांकि, अभी भी लॉन्च की सही तारीख और समय तय नहीं है. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमें रेक मिल गया है. लॉन्च का समय अभी तय नहीं हुआ है. फाइनल चार्ट जल्द ही आ जाएगा. माना जा रहा है कि 17 सितंबर को पीएम मोदी इसे लॉन्च कर सकते हैं.
भारत की पहली वंदे मेट्रो गुजरात को आवंटित की गई है. ट्रेन का संचालन और रखरखाव पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) जोन की तरफ से किया जाएगा. ट्रेन अहमदाबाद और भुज के बीच चलेगी. वंदे मेट्रो पूरी तरह से AC ट्रेन है, जिसमें वंदे भारत ट्रेनों की सभी विशेषताएं हैं. शुरुआत में ट्रेन को न्यूनतम 12 वंदे मेट्रो कोच के साथ लॉन्च किया जाएगा. बाद में, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर मार्ग की मांग के अनुसार इसे 16 कोचों तक विस्तारित करेगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे मेट्रो ट्रेन की अधिकतम गति सीमा 100 से 200 के बीच किलोमीटर प्रति घंटे होगी. ट्रेन में एक यूनिक कोच भा है, जिसमें चार कोच एक यूनिट का गठन करेंगे. हर कोच में 14 सेंसर के साथ आग और धुएं का पता लगाने वाले सिस्टम लगाए गए हैं ताकि ट्रेन में किसी प्रकार के उठने वाले धुएं का तुरंत पता चल सके.