मांगें नहीं मानी तो 2 जनवरी से धरने पर बैठूंगा, बीपीएससी मामले में बोले प्रशांत किशोर

मैं कहना चाहता हूं कि प्रशांत किशोर नहीं हटे, बल्कि प्रशांत किशोर के हटने के बाद लाठीचार्ज हुआ. लेकिन ये गलत है, और जिन लोगों ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज किया है, उन्होंने गलत किया है.

Published: December 30, 2024 2:19 PM IST

By Farha Fatima

मांगें नहीं मानी तो 2 जनवरी से धरने पर बैठूंगा, बीपीएससी मामले में बोले प्रशांत किशोर

बीपीएससी की 13 दिसंबर को हुई परीक्षा को रद्द और फिर से करने के लिए स्टूडेंट्स मांग कर रहे हैं. बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा की पुनर्परीक्षा की मांग को लेकर रविवार को मार्च पर निकलने और पुलिस लाठीचार्ज के दौरान गायब हो जाने का आरोप झेल रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इसपर सफाई दी. उन्होंने कहा कि वे कल भी छात्रों के साथ थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे. उन्होंने सोमवार को पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अभी पांच छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिलने जा रहा है.

क्या हैं मुख्य मांगे

  • उनकी मुख्य मांग है कि 70 वीं प्रारंभिक परीक्षा फिर से ली जाए.
  • अभ्यर्थी सोनू जिसकी मौत हो गई है, उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए.
  • अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए.
  • जिन अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया है, उन पर कार्रवाई की जाए.

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा ,”यदि मांग पूरी नहीं हुई तो मैं दो जनवरी से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठूंगा. प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरी छात्रों से कोई नाराजगी नहीं है. ”

उन्होंने रविवार की घटना पर कहा, ” मैं कहना चाहता हूं कि प्रशांत किशोर नहीं हटे, बल्कि प्रशांत किशोर के हटने के बाद लाठीचार्ज हुआ. लेकिन ये गलत है, और जिन लोगों ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज किया है, उन्होंने गलत किया है.” प्रेस वार्ता में शामिल छात्रों का परिचय देते हुए उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित छात्र धरना प्रदर्शन के कोर ग्रुप के सदस्य हैं और धरना प्रदर्शन में शुरू से शामिल हैं.

रविवार को जब अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसी दौरान झड़प हुई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. पुलिस ने लाठीचार्ज और ठंड में पानी की बौछार का इस्तेमाल किया

इस मामले में क्या बोलीं प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकाारियों पर बल प्रयोग किए जाने को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का “डबल इंजन” युवाओं पर “डबल अत्याचार” का प्रतीक बन गया है.

प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, “बिहार में तीन दिन के अंदर दूसरी बार छात्रों पर अत्याचार किया गया. परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, धांधली, पेपर लीक रोकना सरकार का काम है. लेकिन भ्रष्टाचार रोकने की जगह छात्रों को आवाज उठाने से रोका जा रहा है.” उन्होंने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में युवाओं पर पानी की बौछार और लाठी चार्ज करना अमानवीय है. प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा का “डबल इंजन” युवाओं पर ‘डबल अत्याचार’ का प्रतीक बन गया है.

बीपीएससी की 13 दिसंबर को हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना में विरोध कर रहे प्रदर्शनकाारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रविवार को पानी की बौछार की और हल्का बल भी प्रयोग किया. इसके साथ ही जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी के अध्यक्ष समेत 600-700 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

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