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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने यूपी एसटीफ से अपनी जान को खतरा बताया है. आशीष पटेल बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) के नेता हैं. उनकी पत्नी अनुप्रिया पटेल केंद्रीय राज्य मंत्री हैं. पटेल ने एसटीएफ पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप भी लगाया है.
आशीष पटेल ने एसटीएफ से जान के खतरे की बात पत्नी अनुप्रिया की बहन पल्लवी द्वारा उनके अधीन विभाग के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद कही है. पल्लवी पटेल समाजवादी पार्टी की विधायक हैं. आशीष पटेल तकनीकी शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण, तौल एवं माप मंत्रालय के प्रमुख हैं और पल्लवी ने उनपर तकनीकी शिक्षा विभाग में राज्य भर में विभागाध्यक्षों के 250 पदों पर पदोन्नति में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए आशीष पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरे द्वारा लिए गए सभी निर्णयों की सीबीआई जांच करवा सकते हैं. उन्होंने कहा कि मुझे किसी से या किसी परिणाम से डर नहीं है, लेकिन मुझे एसटीएफ से खतरा है. आशीष ने कहा कि पल्लवी किसी के इशारे पर काम कर रही थीं.
उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले पर विधानसभा सत्र के दौरान पल्लवी के धरने में, सदन परिसर “बाहरी लोगों” के लिए वर्जित होने के बावजूद, दो लोगों को उसके साथ जाने की अनुमति दी गई थी. बुधवार, 1 जनवरी को पल्लवी ने तकनीकी शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के लिए यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की.
पल्लवी पटेल के आरोपों के बाद आशीष पटेल ने फेसबुक पर एक पोस्ट भी डाली जिसमें पल्लवी द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया गया. इसमें कहा गया, “सबसे ईमानदार आईएएस अधिकारी और वर्तमान प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा, एम देवराज विभागीय पदोन्नति समिति के अध्यक्ष थे और पदोन्नति समिति की सिफारिश और शीर्ष से सहमति के आधार पर की गई थी. लेकिन, अभी भी राजनीतिक चरित्र हनन के लिए मीडिया ट्रायल चल रहा है. अगर विभागीय पदोन्नतियां निष्पक्ष नहीं हुई हैं, तो सूचना विभाग को इस संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिए.”
पोस्ट में आशीष ने कहा कि सीएम मंत्री के तौर पर उनके द्वारा लिए गए सभी फैसलों की जांच कर सकते हैं, साथ ही उनकी और उनकी पत्नी अनुप्रिया की संपत्ति की भी जांच कर सकते हैं, क्योंकि वह सांसद बन गई हैं और वह एमएलसी हैं. उन्होंने पोस्ट में कहा कि कुछ लोगों को ओबीसी और वंचित वर्गों को मिलने वाले लाभ पसंद नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मैं अपने शुभचिंतकों को यह भी बताना चाहता हूं कि सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में अगर मेरे साथ कोई साजिश/घटना होती है, तो इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स जिम्मेदार होगी.
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