चंदौसी में बावड़ी की खुदाई में सामने आए कई चौंकाने वाले रहस्य, जानिए अब तक क्या-क्या मिला

Sambhal News: संभल में बीते कई दिनों से जारी खुदाई से एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं. चंदौसी क्षेत्र में खुदाई के दौरान एक गुप्त सुरंग और बावड़ी मिली है.

Updated: December 29, 2024 4:09 PM IST

By Gargi Santosh

चंदौसी में बावड़ी की खुदाई में सामने आए कई चौंकाने वाले रहस्य, जानिए अब तक क्या-क्या मिला

यूपी के संभल जिले में एक प्राचीन बावड़ी और सुरंग की खोज के बाद से एक बाद के एक खुलासे हो रहे हैं. इन खोजों ने इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं को उत्साहित कर दिया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानि एएसआई (ASI) की टीम ने लक्ष्मणगंज स्थित पृथ्वीराज चौहान काल की बावड़ी की खुदाई शुरू की है. इस बावड़ी के अंदर कुछ संरचनाएं मिली हैं, जो सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी मानी जा रही हैं.

संभल में खुदाई से सामने आया प्राचीन बावड़ी और सुरंग का रहस्य

जानकारी के अनुसार, खुदाई में तोता-मैना की कब्र, मिट्टी के बर्तन, ईंटें, और पत्थरों की कलाकृतियां भी मिली हैं. ये खोजें क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने में मददगार साबित हो रही हैं. ये संरचनाएं न केवल जल आपूर्ति के लिए बनाई जाती थीं, बल्कि ये सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों का केंद्र भी होती थीं.

संभल में मिली ‘रानी की बावड़ी’ एक सुंदर और भव्य संरचना है, जिसमें 12 कमरों के साथ सुरंगें और कुआं भी शामिल है. खुदाई के दौरान गणेश और गौरा-पार्वती की मूर्तियां भी मिली हैं. ये खोजें भारतीय स्थापत्य कला और जल प्रबंधन प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं.

क्या हैं खुदाई से जुड़े अब तक के खुलासे?

बताया जा रहा है कि खुदाई में कई ऐतिहासिक अवशेष मिले हैं, जिनमें स्वस्तिक अंकित ईंटें, गणेश जी की मूर्ति, और पुरानी कलाकृतियां शामिल हैं. साथ ही, 46 साल से बंद पड़े एक पुराने शिव मंदिर को भी प्रशासन ने खुलवाया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर लंबे समय से बंद था और खुदाई के दौरान इसे खोजा गया. इन संरचनाओं के संरक्षण और विकास के लिए सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है.

संभल को विकसित करने की है योजना

आपको बता दें कि संभल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. यहां के जिलाधिकारी ने कहा कि यहां 200 से अधिक स्थानों को संरक्षित किया जाएगा, जहां लोग भ्रमण कर सकेंगे. इन संरचनाओं को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी हो रही है.

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एएसआई (ASI) और स्थानीय प्रशासन इन धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में जुटा हुआ है. यह खोज न केवल इतिहास की परतों को खोलती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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