हनुमान जी से कौन सी शर्त हार गए थे धनुर्धर अर्जुन?
02 Jan, 2025
Shivani sharma
श्रीकृष्ण ने एक बार अर्जुन को पुष्प लेने के लिए भगवान राम के बगीचे में भेजा.
इस दौरान हनुमान जी ने राम जी के बगीचे में ही थे तब जब अर्जुन को फूल तोड़ता देख हनुमान जी ने कहा कि तुम चोरी क्यों कर रहे हो.
इसके बाद अर्जुन कहते हैं कि जो फूल भगवान कृष्ण की पूजा के लिए तोड़े गए हो उसमें चोरी कैसी.
अर्जुन जी की बात सुनकर हनुमान जी मुस्कराने लगते हैं लेकिन हनुमान जी को मुस्कुराता देख अर्जुन परेशान हो जाते हैं.
इसके बाद अर्जुन ने पूछा कि आप श्रीकृष्ण का नाम सुनकर क्यों हंसे तब इस बात का उत्तर देते हुए हनुमान जी बोले, 'जिसका भगवान ही चोर हो, कोई उसे क्या बोले'
ये बात सुनकर अर्जुन के क्रोध का ठिकाना ही नहीं रहा. उन्होंने कहा आपके भगवान राम तो हर समय हाथ में धनुष-बाण लिए रहते हैं, फिर भी एक बाण चलाकर समुद्र पर पुल नहीं बांध सके
इसके बाद अर्जुन ने हनुमान जी से शर्त लगाई की वो अपने बाणों के इस्तेमाल के पूरे समुद्र पर पुल बांध सकते हैं.
इसके बाद हनुमान जी ने कहा कि भगवान राम के बनाए पुल पर पूरी वानर सेना चली थी अगर तुम्हारे इस पुल को केवल में अकेला पार कर जाऊं तो तुम जो कहोगे मैं वो करुंगा.
अर्जुन भी जोश में थे, वे बोले अगर पुल टूटा तो मैं अग्नि में जलकर भस्म हो जाऊंगा.
इसके बाद अर्जुन ने हजारों तीरों की वर्षा करके समुद्र पर विशाल पुल का निर्माण कर दिया.
इसके बाद हनुमान जी ने अपना स्वरूप बड़ा किया और जैसे ही हनुमान जी ने पुल पर पैर रखना चाहा, उनके चरण के स्पर्श से ही समस्त पुल टूट गया.
ये देख अर्जुन ने घोषणा की कि अब मैं अपने वचन अनुसार अग्नि में जलकर अपने प्राणों की आहुति देंगे. इसके बाद उन्होंने हनुमान जी बोले की इसकी कोई जरूरत नहीं है.
बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की रक्षा की और उनको अपने प्राण त्यागने से रोका.