कौरव जब अभिमन्यु को चक्रव्यूह में खींच रहे थे तब अर्जुन किससे लड़ रहे थे?

02 Jan, 2025

Pooja Batra

जब अर्जुन चक्रव्यूह के बाहर थे, अभिमन्यु ने चक्रव्यूह में प्रवेश किया, लेकिन उसे निकास मार्ग की जानकारी नहीं थी.

भीम, युधिष्ठिर, नकुल और सहदेव अभिमन्यु के पीछे-पीछे चक्रव्यूह में घुसने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जयद्रथ ने उन्हें रोक लिया.

अभिमन्यु को जब चक्रव्यूह के भीतर सभी ने घेर लिया था. तब भी अर्जुन अपने पुत्र की सहायता के लिए क्यों नहीं आए. क्यों अर्जुन ने अपने पुत्र का निर्ममता से वध हो जाने दिया.

महाभारत की कथा के अनुसार भीष्म पितामह के युद्ध भूमि से हटने के उपरांत दुर्योधन, गुरु द्रोणाचार्य के पास पहुंचा.

दुर्योधन कुपित होकर बोला. अगर कुरुक्षेत्र में कोई भी पांडव आपके समक्ष आ जाए और संपूर्ण देवता ही क्यों न उनकी रक्षा कर रहे हों. और आप उसे पकड़ना न चाहें. ऐसा संभव नहीं है.

दुर्योधन की ये बात सुनकर द्रोणाचार्य दुखी हो जाते हैं और कहते हैं मुझे अपनी प्रतिज्ञा भंग करने वाला न समझो. लेकिन एक बात याद रखो.

रणभूमि में जिसकी रक्षा अर्जुन कर रहे हों उसे देवता. असुर. गंधर्व. यक्ष. नाग तथा राक्षस सहित संपूर्ण लोक भी जीत नहीं सकता है.

द्रोणाचार्य ने दुर्योधन से कहा कि आज मैं किसी पांडव को जरूर मार गिराऊंगा. आज मैं एक चक्रव्यूह का निर्माण करूंगा.

लेकिन इस दौरान अर्जुन को कहीं दूर हटाना होगा. ऐसे में सुशर्मा ने अपनी सेना सहित रणभूमि से दूर अर्जुन को ललकारा.

जब अर्जुन सुशर्मा से युद्ध कर रहे थे वहीं अभिमन्यु चक्रव्यूह में घुस चुके थे. जहां उन्हें कौरवों ने घेरकर मार दिया.

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