Arjuna के साथ युद्ध करते हुए अंगराज Karna के रथ का पहिया जमीन में क्यों धंसा था?

01 Jan, 2025

Manoj Yadav

कर्ण ने ब्राह्मण के बछड़े का वध कर दिया था, जिससे मिले श्राप के कारण कुरुक्षेत्र युद्ध में भय के क्षण में उसका रथ भूमि में धंस गया.

कर्ण ने गलती से एक ब्राह्मण के होमधेनु के बछड़े का वध कर दिया था, जिससे क्रोधित होकर ब्राह्मण ने कर्ण को श्राप दिया था.

ब्राह्मण ने कहा था कि युद्ध के समय जब कर्ण अत्यंत भयभीत होगा, तब उसके रथ का पहिया भूमि में धंस जाएगा.

अर्जुन और कर्ण के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें दोनों योद्धाओं ने एक-दूसरे को गंभीर चोटें पहुंचाईं.

कर्ण ने अर्जुन के साथ बहादुरी से युद्ध किया और अपनी अद्वितीय धनुर्विद्या का प्रदर्शन किया.

अर्जुन ने अपने दिव्यास्त्रों से कर्ण के मुकुट और कवच को नष्ट कर दिया.

कर्ण के शरीर से रक्त बहने लगा, और वह थका हुआ एवं कमजोर महसूस करने लगा.

अपने घावों और लगातार प्रहारों से कर्ण के मन में भय उत्पन्न हुआ.

भय और मानसिक कमजोरी के कारण ब्राह्मण का श्राप सत्य हुआ, और कर्ण के रथ का पहिया भूमि में धंस गया.

कर्ण ने अपने रथ का पहिया निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका.

पहिया निकालते समय कर्ण पूरी तरह असहाय था, और उसका ध्यान युद्ध से भटक गया.

इसी मौके का लाभ उठाते हुए श्रीकृष्ण के आदेश पर अर्जुन ने कर्ण पर घातक प्रहार किया.

अर्जुन के प्रहार से कर्ण वीरगति को प्राप्त हुआ, और महाभारत के इस महान योद्धा की कहानी समाप्त हो गई.

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