गरीबों को मिलेगा घर, सरकार ने तय किया बड़ा लक्ष्य; 2024-29 के बीच बनेंगे 2 करोड़ घर

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2024-29 के बीच 2 करोड़ नए घर बनाए जाएंगे. तकनीकी समाधानों और सरल पात्रता नियमों के जरिए प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है, जिससे गरीबों को बड़ा लाभ मिलेगा.

Updated: January 1, 2025 11:17 AM IST

By Manoj Yadav

गरीबों को मिलेगा घर, सरकार ने तय किया बड़ा लक्ष्य; 2024-29 के बीच बनेंगे 2 करोड़ घर

Housing for All scheme: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 2024-25 से 2028-29 के बीच अतिरिक्त 2 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा है. ग्रामीण विकास मंत्रालय की वार्षिक समीक्षा में इस बात की पुष्टि हुई. यह कदम गरीबों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है.

अब तक कितना हुआ काम?

सरकार ने 30 दिसंबर 2024 तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 3.33 करोड़ मकान आवंटित करने का लक्ष्य दिया. इसमें से 3.22 करोड़ मकान स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 2.68 करोड़ मकानों का निर्माण पूरा हो गया है.

सिंगल क्लिक से दी पहली किस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को एक विशेष कार्यक्रम में 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को सिंगल क्लिक के जरिए पहली किस्त जारी की. इस तकनीकी पहल ने प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बना दिया है.

पात्रता में बदलाव, अधिक लोग होंगे लाभान्वित

नए नियमों के तहत योजना के लिए पात्रता को और सरल बनाया गया है. अब 15,000 रुपये मासिक आय वाले व्यक्ति भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी. साथ ही मशीनीकृत दोपहिया वाहन, लैंडलाइन फोन और रेफ्रिजरेटर जैसी संपत्तियां अब पात्रता में बाधा नहीं बनेंगी.

तकनीकी का बढ़ा उपयोग

पीएमएवाई-जी को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी समाधानों का भरपूर उपयोग किया जा रहा है. आधार से जुड़े एआई-सक्षम फेस ऑथेंटिकेशन ई-केवाईसी ऐप से लाभार्थियों का सत्यापन किया जाता है.

‘आवाससॉफ्ट’ और ‘आवासऐप’ की भूमिका

योजना को एंड-टू-एंड ई-गवर्नेंस समाधान ‘आवाससॉफ्ट’ और ‘आवासऐप’ के जरिए संचालित किया जा रहा है. ‘आवाससॉफ्ट’ वित्तीय और भौतिक प्रगति की निगरानी करता है, जबकि ‘आवासऐप’ जियो-टैगिंग और घरों के डेटा कैप्चर की सुविधा देता है.

‘आवास प्लस 2024’ से स्व-सर्वेक्षण की सुविधा

पीएमएवाई-जी के नए चरण में ‘आवास प्लस 2024’ ऐप लॉन्च किया गया है. यह ऐप घरों की स्थिति, निर्माण स्थल, और जियो-टैगिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करता है. खास बात यह है कि यह ऐप ऑफलाइन भी काम करता है और पात्र परिवार स्व-सर्वेक्षण के जरिए योजना में शामिल हो सकते हैं.

पारदर्शिता और प्रगति की नई पहल

पीएमएवाई-जी ने योजना के हर चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई तकनीक और सरल प्रक्रियाएं लागू की हैं. इसके तहत घरों की पहचान से लेकर निर्माण पूरा होने तक हर चरण पर नजर रखी जाती है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का वादा करती है. यह पहल सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की सोच को और मजबूत करती है.

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