By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
Indian Railways News: भारत में भारतीय रेल का नेटवर्क करोड़ों लोगों के लिए यात्रा का मुख्य साधन है. हर दिन लाखों लोग भारतीय रेल से यात्रा करते हैं, जिनमें मिडिल क्लास और गरीब वर्ग के लोग भी शामिल हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए यह स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे का पूरा ध्यान गरीब और मिडिल क्लास परिवारों पर है. इस ऐलान के बाद, इन वर्गों के यात्रियों के लिए कई सुविधाएं और राहत मिलने की उम्मीद है.
रेल मंत्री ने संसद में बताया कि भारतीय रेलवे ने इस वित्त वर्ष में लगभग 12,000 जनरल कोच बनाने का निर्णय लिया है. यह कदम खासकर उन लोगों के लिए है, जो सामान्य कोचों में यात्रा करते हैं और जिनके लिए टिकट मिलना एक चुनौती हो सकता है. इसके अलावा, इस साल 900 अतिरिक्त जनरल कोचों को जोड़ा गया है, ताकि यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिल सके. यह खासकर त्योहारों के मौसम में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जैसे कि दिवाली और छठ के दौरान, जब यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बहुत बढ़ जाती है.
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी महाकुंभ के लिए 13,000 ट्रेनों का इंतजाम किया गया है, ताकि भारी संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई समस्या न हो. इसके अलावा, छठ और दिवाली के दौरान रेलवे ने 7900 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, जिससे 1.8 करोड़ से अधिक यात्रियों को यात्रा करने में आसानी हुई. ये कदम मिडिल क्लास और गरीब यात्रियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं हैं, क्योंकि इससे उन्हें ज्यादा सुविधा और अवसर मिलेंगे.
अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि रेलवे ने सुरक्षा को लेकर कई अहम कदम उठाए हैं. 1.23 लाख किलोमीटर पुरानी पटरियों को बदलकर नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि “अमृत भारत” जैसी नई ट्रेनों का निर्माण किया गया है, जो वंदे भारत ट्रेन की टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं. इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रा की सुरक्षा और आराम को बढ़ाना है. साथ ही, भारतीय रेलवे में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं, जिसमें 58,642 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें