Jaipur Fire: 600 मीटर तक चला आग की लपटों में घिरा शख्स, मांगता रहा मदद, लोग बनाते रहे वीडियो

Jaipur Fire Incident: राधेश्याम चौधरी सड़क पर तड़पते हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे. लेकिन मदद करने के बजाय, ज़्यादातर लोग सिर्फ वीडियो बनाते रहे.

Published: December 22, 2024 1:40 PM IST

By Gaurav Barar

Jaipur Fire: 600 मीटर तक चला आग की लपटों में घिरा शख्स, मांगता रहा मदद, लोग बनाते रहे वीडियो

Jaipur Fire: जयपुर में हुए गैस टैंकर हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. रविवार तक इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है. सोशल मीडिया पर इस हादसे का एक भयावह वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर विस्फोट के बाद एक मोटर मैकेनिक को आग की लपटों में घिरने के बावजूद मदद मांगते हुए देखा गया. ये शख्स ऐसी हालत में करीब 600 मीटर तक पैदल चला, हालांकि लोग इसकी मदद करने के बजाय वीडियो बनाते रहे.

ये हादसा शुक्रवार को हुआ था. 32 वर्षीय राधेश्याम चौधरी नेशनल बियरिंग्स कंपनी लिमिटेड में मोटर मैकेनिक थे. शुक्रवार को सुबह-सुबह वे अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकले थे. बाद में, घटना के बाद की तस्वीरें सामने आईं, जिसमें जलता हुआ एक व्यक्ति मदद की तलाश में चलने के लिए संघर्ष करता हुआ दिखाई दे रहा था.

लगभग 600 मीटर दूर चला जली हालत में

उस दिन सुबह करीब 5:50 बजे राधेश्याम चौधरी के भाई अखेराम को एक अजनबी ने फोन किया और कहा कि वह हीरापुरा बस टर्मिनल पर आ जाए क्योंकि उसका भाई मुसीबत में है. वह अपने दो पड़ोसियों के साथ वहां गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अखेराम ने कहा, ‘मेरा भाई सड़क पर पड़ा था. लोगों ने मुझे बताया कि वह विस्फोट स्थल से लगभग 600 मीटर दूर चला गया था. वह सड़क पर संघर्ष करते हुए मदद के लिए चिल्ला रहा था. लेकिन मदद करने के बजाय, लोग सिर्फ वीडियो बना रहे थे.’

अस्पताल जाते समय था होश में

मृतक के भाई और दो पड़ोसी राधेश्याम चौधरी को कार में अस्पताल ले गए, क्योंकि उन्हें लगा कि अफरातफरी में एंबुलेंस का इंतजार करना बेकार होगा. उनके अनुसार, अस्पताल जाते समय वह होश में थे और उन्होंने अस्पताल वालों को सारी बातें बताईं. उन्होंने अपने भाई को भी उस त्रासदी से जुड़े क्षणों के बारे में बताया.

नहीं बच पाया आग की लपटों से

राधेश्याम ने अपनी बाइक छोड़ दी और आग की लपटों से दूर भागने की कोशिश की. लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका क्योंकि आग ने उसे पकड़ लिया. इतना कुछ होने के बावजूद, वह किसी तरह एक आदमी के पास पहुंचा जिसने उसे उसके भाई को फोन करने में मदद की.

मैकेनिक को जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और उसके भाई को लगा कि वह बच जाएगा. उसके भाई ने कहा, ‘हमें लगा कि वह बच जाएगा. लेकिन 85% जलने के कारण उसके बचने की संभावना खत्म हो गई थी.’ राधेश्याम चौधरी उन 14 लोगों में से एक थे जिन्होंने इस त्रासदी में अपनी जान गंवा दी.

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