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Bangladesh: पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं नहीं रुक रही हैं. हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमले के नए क्रम में शुक्रवार, 20 दिसंबर को मैमनसिंह और दिनाजपुर क्षेत्र में तीन हिंदू मंदिरों में आठ मूर्तियों को तोड़ दिया गया. अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा में ये नवीनतम घटना है. मूर्तियों को खंडित करने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है.
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र ‘डेली स्टार’ के अनुसार, मैमनसिंह के हलुआघाट उप-जिले में बृहस्पतिवार और शुक्रवार की सुबह दो मंदिरों की तीन मूर्तियों को खंडित कर दिया गया. मंदिर सूत्रों और स्थानीय लोगों के हवाले से हलुआघाट पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (ओसी) अबुल खैर ने बताया कि शुक्रवार तड़के बदमाशों ने हलुआघाट के शाकुआई संघ स्थित बोंदरपारा मंदिर की दो मूर्तियों में तोड़फोड़ की
अराजक तत्वों ने बृहस्पतिवार की तड़के एक अन्य घटना में हलुआघाट के बेलडोरा संघ में पोलाशकंद काली मंदिर में एक मूर्ति को खंडित कर दिया. इस मामले में गिरफ्तार किए गए अलालउद्दीन ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध कबूल कर लिया. इससे पहले बृहस्पतिवार को पोलाशकंद काली मंदिर समिति के अध्यक्ष सुवाश चंद्र सरकार ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.
बांग्लादेश में हिंदुओं और हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमले से भारत के अंदर का सियासी माहौल भी गर्म है. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने बताया है कि बांग्लादेश में इस साल आठ दिसंबर तक हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के कुल 2,200 मामले सामने आए हैं.
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अल्पसंख्यक और मानवाधिकार संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि पाकिस्तान में इस साल अक्टूबर तक हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों की संख्या 112 थी. भारत सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सामने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग रखी है.
(भाषा इनपुट के साथ)
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