11 वकीलों ने पैरवी की, फिर भी नहीं मिली संत चिन्मय कृष्ण दास को राहत, बांग्लादेश की अदालत ने जमानत याचिका खारिज की

Chinmoy Krishna Das: चिन्मय के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने बताया कि वे जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करने की योजना बना रहे हैं.

Updated Date:January 2, 2025 1:05 PM IST

By Shivendra Rai Edited By Shivendra Rai

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saint chinmoy krishna das case: बांग्लादेश के हिंदू संत संत चिन्मय कृष्ण दास अभी जेल में ही रहेंगे. बांग्लादेश सम्मिलित सनातन जागरण जोत के प्रवक्ता और संत चिन्मय कृष्ण दास जमानत याचिका खारिज हो गई है. गुरुवार, 2 जनवरी को को चिटगांव कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

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चिन्मय दास की तरफ से बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों ने पैरवी की. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रोपॉलिटन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एडवोकेट मोफिजुर हक भुइयां ने कहा कि चटगांव मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैफुल इस्लाम ने लगभग 30 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी.

सुनवाई के बाद चिन्मय के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने बताया कि वे जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करने की योजना बना रहे हैं. इससे पहले दिन में वे हाई-प्रोफाइल मामले में चिन्मय का प्रतिनिधित्व करने के लिए सुबह करीब 10:15 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे. उनके प्रयासों के बावजूद, अदालत का फैसला उनकी याचिका के खिलाफ गया

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बता दें कि इससे पहले 11 दिसंबर को एक बांग्लादेश की एक अदालत ने दास की प्रारंभिक जमानत याचिका को प्रक्रिया में खामी के कारण खारिज कर दिया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, वैध पावर ऑफ अटॉर्नी और वकील की उपस्थिति की कमी के कारण याचिका खारिज की गई थी.

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चिन्मय कृष्ण दास पर क्या आरोप है

चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ चटगांव कोतवाली पुलिस स्टेशन में राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. चिन्मय कृष्ण दास पर आरोप है कि उन्होंने 25 अक्तूबर को चटगांव के न्यू मार्केट इलाक़े में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था. इसके अलावा उन पर हिंसा फैलाने के लिए लोगों को उकसाने का आऱोप भी है.

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Published Date:January 2, 2025 1:05 PM IST

Updated Date:January 2, 2025 1:05 PM IST